ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर, शूट-ऑफ में चूका गोल्ड; मनु भाकर फाइनल से बाहर

एशियन गेम्स 2026 में भारत की ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बेहद रोमांचक मुकाबले में ईशा को गोल्ड के लिए कई शूट-ऑफ का सामना करना पड़ा, लेकिन चीन की जियाओ जियारुईशुआन से करीबी मुकाबले में वह दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं, भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं और 11वें स्थान पर रहीं। ईशा ने क्वालिफिकेशन में 580-22x का स्कोर किया था, जबकि भारतीय महिला 25 मीटर पिस्टल टीम को पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा। इस सिल्वर के साथ ईशा ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन किया।

Sep 28, 2026 - 14:10
ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर, शूट-ऑफ में चूका गोल्ड; मनु भाकर फाइनल से बाहर

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग का रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में ईशा ने बेहद कड़े फाइनल में दबाव के बीच लगातार शूट-ऑफ का सामना किया और आखिरकार रजत पदक जीतने में सफल रहीं। गोल्ड मेडल के लिए चीन की जियारुइक्सुआन शियाओ के साथ मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद शूट-ऑफ तक पहुंचा, जहां चीनी खिलाड़ी ने बाजी मार ली।

ईशा का सिल्वर मेडल एशियन गेम्स में उनके शानदार रिकॉर्ड को आगे बढ़ाता है। इससे पहले 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी उन्होंने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में सिल्वर जीता था और टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इस बार भी व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत जीतकर उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में इस इवेंट में पदक अपने नाम किया है।

मुश्किल शुरुआत के बाद ईशा की शानदार वापसी

25 मीटर पिस्टल के फाइनल में ईशा सिंह के लिए मुकाबला शुरुआत से ही आसान नहीं था। फाइनल के दौरान वह पदक की दौड़ में नीचे खिसक गई थीं, लेकिन उन्होंने दबाव के बीच शानदार वापसी की। निर्णायक चरण में ईशा और नॉर्थ कोरिया की किम ह्योन सुक के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला।

दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 34-34 तक पहुंच गया। इसके बाद कांस्य पदक की दौड़ में स्थिति तय करने के लिए शूट-ऑफ हुआ। ईशा और किम के बीच लगातार तीन शूट-ऑफ हुए और भारतीय निशानेबाज ने आखिरकार 3-2 के अंतर से तीसरे शूट-ऑफ में बढ़त हासिल कर पदक पक्का किया। किम ह्योन सुक को कांस्य पदक मिला।

यह मुकाबला ईशा के धैर्य और दबाव में प्रदर्शन की बड़ी परीक्षा थी। एक के बाद एक शूट-ऑफ में उतरने के बावजूद उन्होंने अपनी लय बनाए रखी और कम से कम रजत पदक सुनिश्चित किया। ईशा ने फाइनल में कुल 38 हिट दर्ज किए।

गोल्ड के लिए चीन की जियारुइक्सुआन शियाओ से मुकाबला

कांस्य पदक की स्थिति तय होने के बाद ईशा सिंह के सामने गोल्ड मेडल के लिए चीन की जियारुइक्सुआन शियाओ थीं। दोनों निशानेबाजों ने फाइनल के निर्णायक चरण में बेहतरीन प्रदर्शन किया और मुकाबला 38-38 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद गोल्ड मेडल का फैसला शूट-ऑफ से होना था।

पहले शूट-ऑफ में दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार सफल निशाने लगाए। इसके बाद दूसरे शूट-ऑफ में शियाओ ने तीन सफल निशाने लगाए, जबकि ईशा दो निशाने ही सफलतापूर्वक लगा सकीं। इस तरह चीन की खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया और ईशा सिंह को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।

इस तरह ईशा ने एक ही फाइनल में कई निर्णायक शूट-ऑफ से गुजरते हुए रजत पदक हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय शूटिंग दल के लिए एक और पदक जोड़ा।

क्वालिफिकेशन में भी ईशा ने दिखाई मजबूती

फाइनल में पहुंचने से पहले ईशा सिंह ने क्वालिफिकेशन में 580-22x का स्कोर बनाया और आठवें स्थान पर रहते हुए शीर्ष आठ खिलाड़ियों के फाइनल में जगह बनाई। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि मामूली अंतर से भी कोई खिलाड़ी फाइनल की दौड़ से बाहर हो सकता था।

ईशा ने क्वालिफिकेशन से फाइनल तक अपना प्रदर्शन बनाए रखा और निर्णायक मुकाबले में लगातार दबाव का सामना किया। फाइनल में उनकी शूटिंग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लगातार शूट-ऑफ में मानसिक मजबूती बनाए रखना रहा।

मनु भाकर 11वें स्थान पर रहीं

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस बार 25 मीटर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 579-18x का स्कोर किया और 11वें स्थान पर रहीं। शीर्ष आठ निशानेबाजों को ही फाइनल में प्रवेश मिला, इसलिए मनु का एशियन गेम्स अभियान इस स्पर्धा के साथ समाप्त हो गया।

मनु भाकर इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी पदक हासिल नहीं कर सकी थीं। वह उस इवेंट में पांचवें स्थान पर रही थीं। इस तरह 2026 एशियन गेम्स में उनका अभियान व्यक्तिगत पदक के बिना समाप्त हुआ।

भारतीय महिला टीम भी पदक से चूकी

25 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में भी भारत पदक हासिल नहीं कर सका। ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत की भारतीय टीम 1727-56x के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रही। टीम ने शुरुआत में अच्छी स्थिति बनाई थी और प्रिसिजन स्टेज के बाद भारत चीन से केवल एक अंक पीछे था, लेकिन रैपिड स्टेज में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

राही सरनोबत की एक सीरीज में खराब शुरुआत का टीम के कुल स्कोर पर असर पड़ा। भारत आखिरकार पोडियम से बाहर रह गया। चीन ने 1743-68x के स्कोर के साथ गोल्ड, दक्षिण कोरिया ने 1735-65x के साथ सिल्वर और चीनी ताइपे ने 1734-48x के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। वियतनाम चौथे स्थान पर रहा।

ईशा के नाम एक और एशियन गेम्स मेडल

ईशा सिंह के लिए 25 मीटर पिस्टल में यह लगातार दूसरे एशियन गेम्स में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल है। हांगझोउ में उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके अलावा वह 2022 एशियन गेम्स की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

2026 एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा का यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ता है। मौजूदा एशियन गेम्स में भी भारतीय शूटिंग दल लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक की दौड़ में बना हुआ है।

ईशा सिंह का शूटिंग करियर और विश्व स्तर पर पहचान

ईशा सिंह भारतीय शूटिंग की प्रमुख युवा निशानेबाजों में शामिल हैं। 25 मीटर पिस्टल में उनका प्रदर्शन लंबे समय से चर्चा में रहा है और मौजूदा एशियन गेम्स से पहले भी वह इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल थीं। 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में उन्होंने एक बार फिर दिखाया कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव की स्थिति में भी वह मुकाबला कर सकती हैं।

उनके लिए इस पदक की खासियत यह भी रही कि उन्होंने सीधे तौर पर आसान मुकाबले से पदक हासिल नहीं किया, बल्कि पहले कांस्य की स्थिति तय करने के लिए तीन शूट-ऑफ और फिर गोल्ड के लिए दो शूट-ऑफ का सामना किया। इस तरह फाइनल का बड़ा हिस्सा टाई-ब्रेकर के दबाव में बीता।

भारतीय शूटिंग के लिए सिल्वर की अहमियत

एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों से हमेशा पदक की उम्मीद रहती है और 2026 संस्करण में भी शूटिंग भारतीय दल के प्रमुख पदक स्रोतों में बनी हुई है। ईशा सिंह का 25 मीटर पिस्टल का सिल्वर इसी सिलसिले में एक और पदक है। आधिकारिक एशियन गेम्स कवरेज के अनुसार, 28 सितंबर को ईशा के सिल्वर के साथ भारत की पदक संख्या भी आगे बढ़ी।

इस मुकाबले में जहां मनु भाकर और भारतीय टीम पदक से चूक गईं, वहीं ईशा सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर भारतीय अभियान को मजबूती दी। उनके प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि शूटिंग में अंतिम परिणाम तक मुकाबला कितना करीबी हो सकता है, जहां एक या दो सफल निशाने से गोल्ड और सिल्वर के बीच अंतर तय हो गया।

फाइनल में ईशा का प्रदर्शन बना चर्चा का केंद्र

ईशा सिंह के लिए यह फाइनल सिर्फ सिल्वर मेडल तक पहुंचने की कहानी नहीं रही, बल्कि लगातार दबाव में प्रदर्शन करने की परीक्षा भी रही। नॉर्थ कोरिया की किम ह्योन सुक के खिलाफ तीन शूट-ऑफ के बाद उन्होंने पदक सुनिश्चित किया और फिर चीन की जियारुइक्सुआन शियाओ के खिलाफ दो और शूट-ऑफ में हिस्सा लिया। अंत में 38 हिट के साथ वह सिल्वर मेडल लेकर लौटीं।

गोल्ड का फैसला बेहद मामूली अंतर से हुआ। दूसरे शूट-ऑफ में शियाओ के तीन सफल निशानों के मुकाबले ईशा के दो सफल निशाने रहे। इसी एक अंक के अंतर ने चीन की खिलाड़ी को स्वर्ण और भारत की ईशा को रजत दिलाया।

एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह का यह प्रदर्शन भारतीय शूटिंग अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। मनु भाकर व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं और भारतीय टीम भी 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रही, लेकिन ईशा ने व्यक्तिगत मुकाबले में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया।

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