सुशांत केस में श्वेता के नए पोस्टमार्टम दावे से फिर उठे सवाल, ‘पैर टूटा था, आंखों पर चोट थी’ का दावा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति के एक वीडियो संदेश ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। श्वेता ने दावा किया है कि उन्हें पोस्टमार्टम से जुड़े एक व्यक्ति से ऐसी जानकारी मिली, जिसके मुताबिक सुशांत के पैर में चोट थी, आंखों पर चोट के निशान थे और कथित तौर पर हथियार का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। वहीं, उपलब्ध रिकॉर्ड में 2020 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाद की CBI जांच में फाउल प्ले के सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। दूसरी ओर, दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की नई जांच शुरू हो चुकी है। आखिर श्वेता ने क्या दावे किए और सुशांत केस की आधिकारिक जांच में अब तक क्या सामने आया? जानिए पूरी खबर।

Sep 28, 2026 - 14:02
सुशांत केस में श्वेता के नए पोस्टमार्टम दावे से फिर उठे सवाल, ‘पैर टूटा था, आंखों पर चोट थी’ का दावा

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक वीडियो संदेश में अपने भाई के पोस्टमार्टम से जुड़ी कुछ गंभीर बातें कही हैं। श्वेता का दावा है कि हाल ही में उनकी उस व्यक्ति से बातचीत हुई, जिसने कथित तौर पर सुशांत का पोस्टमार्टम किया था। उनके मुताबिक, बातचीत में शरीर पर चोटों और कथित तौर पर किसी हथियार के इस्तेमाल जैसी बातें सामने आईं। हालांकि, इन नए दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इन बातों को फिलहाल श्वेता सिंह कीर्ति के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

श्वेता ने क्या दावा किया?

श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि उन्हें सुशांत के पोस्टमार्टम से जुड़े व्यक्ति से ऐसी जानकारी मिली है, जो उनके लिए बेहद परेशान करने वाली थी। उन्होंने कहा कि उनके भाई के साथ कथित तौर पर काफी बल प्रयोग किया गया था। श्वेता के मुताबिक, सुशांत का पैर टूटा हुआ था और उनकी आंखों पर भी चोट थी। उन्होंने कथित तौर पर बंदूक के इस्तेमाल का भी जिक्र किया।

इन दावों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, किसी नए आधिकारिक पोस्टमार्टम दस्तावेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट या जांच एजेंसी के बयान से अभी तक श्वेता द्वारा बताए गए इन विशेष दावों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इन आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश न किया जाए।

पुराने पोस्टमार्टम निष्कर्ष क्या कहते हैं?

सुशांत की मौत के बाद हुए पोस्टमार्टम को लेकर पहले भी कई सवाल और दावे सामने आते रहे हैं। 2020 में सामने आई अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना यानी asphyxia due to hanging बताया गया था और रिपोर्ट में बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं बताए गए थे।

इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ने पर AIIMS के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की राय भी जांच का हिस्सा बनी। 2025 में CBI की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट से जुड़ी रिपोर्टों में कहा गया कि AIIMS की विशेषज्ञ राय में हत्या या जहर देने और गला घोंटने जैसे दावों का समर्थन करने वाला आधार नहीं मिला।

यही वजह है कि श्वेता सिंह कीर्ति के अब सामने आए दावे पुराने आधिकारिक निष्कर्षों से अलग सवाल उठाते हैं। यदि इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो उसका महत्व संबंधित दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच एजेंसियों की जांच के संदर्भ में ही तय किया जा सकेगा।

CBI ने 2025 में क्या कहा था?

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के पास पहुंची थी। मार्च 2025 में CBI ने इस मामले से जुड़े दो मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे सुशांत की मौत में किसी तरह की साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिला। रिपोर्ट अदालतों के सामने पेश की गई थी और संबंधित अदालतों को उस पर आगे फैसला करना था।

CBI की जांच के दौरान फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के अलावा अन्य सामग्री की भी पड़ताल की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसी ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पोस्ट, मेडिकल और फॉरेंसिक सामग्री तथा कॉल डेटा समेत कई पहलुओं की जांच की थी। CBI के निष्कर्षों में सुशांत की मौत में किसी अन्य व्यक्ति की आपराधिक भूमिका स्थापित नहीं हुई।

इसलिए मौजूदा समय में श्वेता के नए दावों और CBI की 2025 की जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग संदर्भों में समझना जरूरी है। एक तरफ श्वेता एक कथित पोस्टमार्टम-संबंधी बातचीत के आधार पर सवाल उठा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में CBI की जांच ने फाउल प्ले के सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।

‘नफरत और बदले की भावना में नहीं डूबना चाहती’

श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने वीडियो में सिर्फ सुशांत की मौत से जुड़े दावों पर बात नहीं की, बल्कि अपने भावनात्मक अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अटलांटा से लौटने के बाद उनसे मिलने वाले कई लोग भावुक हो गए और उनके भाई को याद करते हुए रोए। उन्होंने कहा कि किसी अपने के साथ कुछ बुरा होने का दर्द समझना आसान नहीं होता।

हालांकि, श्वेता ने यह भी कहा कि वह अपने दिल में नफरत, बदले की भावना या नाराजगी को जगह नहीं देना चाहतीं। उनका कहना था कि वह अपनी जिंदगी में प्यार, विश्वास, अच्छाई और ईश्वर के लिए खड़े रहना चाहती हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे किसी घटना की वजह से अच्छाई और ईश्वर पर अपना विश्वास न खोएं।

इस तरह श्वेता का संदेश सिर्फ सुशांत की मौत से जुड़े सवालों तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें उनके व्यक्तिगत दुख और उससे उबरने की कोशिश भी दिखाई दी। उन्होंने नकारात्मकता के बजाय प्रेम और विश्वास के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

14 जून 2020 को हुई थी सुशांत की मौत

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की थी। बाद में उनके पिता केके सिंह की शिकायत के आधार पर बिहार में मामला दर्ज हुआ और इसके बाद CBI ने जांच अपने हाथ में ली।

मामले की जांच के दौरान हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने, वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों को लेकर कई तरह के सवाल उठे। सुशांत की मौत के बाद यह मामला देशभर में लंबे समय तक चर्चा में रहा और सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़ी कई तरह की थ्योरी सामने आती रहीं।

हालांकि, किसी भी ऐसे दावे को कानूनी रूप से स्वीकार करने के लिए जांच एजेंसी की रिपोर्ट, मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अदालत के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होते हैं। इसी कारण श्वेता के नए दावों को भी आधिकारिक पुष्टि के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

दिशा सालियान केस की जांच ने फिर बढ़ाई चर्चा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के साथ उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। उनकी मौत सुशांत की मौत से कुछ दिन पहले हुई थी। इसी वजह से दोनों मामलों को लेकर सार्वजनिक चर्चा होती रही है।

सितंबर 2026 में दिशा सालियान के मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को CBI को दिशा की मौत की परिस्थितियों की जांच करने, उनके पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि FIR दर्ज होने का मतलब किसी व्यक्ति को दोषी मान लेना नहीं है।

CBI ने दिशा सालियान मामले में FIR दर्ज की

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने 13 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की। रिपोर्टों के मुताबिक FIR में आपराधिक साजिश, गैंगरेप, हत्या, सबूत मिटाने और संबंधित अन्य धाराओं का उल्लेख किया गया है। CBI ने मामले में जांच शुरू कर दी है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR में गंभीर धाराओं का शामिल होना अपने आप में आरोपों के साबित होने के बराबर नहीं है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। यदि जांच में कोई मामला नहीं बनता है तो एजेंसी को उचित रिपोर्ट दाखिल करने की स्वतंत्रता भी दी गई है।

दिशा और सुशांत के मामलों को लेकर क्या कनेक्शन है?

दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बीच समय का अंतर कुछ दिनों का था, जिसके कारण दोनों मामलों को लेकर वर्षों से सार्वजनिक चर्चा होती रही है। लेकिन किसी भी कथित कनेक्शन को स्थापित तथ्य मानने के लिए जांच से सामने आने वाले ठोस सबूत जरूरी हैं।

फिलहाल दिशा सालियान की मौत की CBI जांच अलग से चल रही है, जबकि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में CBI पहले ही क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। इसलिए दोनों मामलों की मौजूदा कानूनी स्थिति अलग है। दिशा मामले में नई जांच जारी है, जबकि सुशांत मामले में CBI के निष्कर्ष और क्लोजर रिपोर्ट पहले से रिकॉर्ड पर हैं।

अब श्वेता के दावों के बाद क्या?

श्वेता सिंह कीर्ति के ताजा बयान ने सुशांत की मौत से जुड़े पुराने सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। लेकिन उनके द्वारा बताए गए पैर टूटने, आंखों पर चोट और कथित हथियार के इस्तेमाल जैसे दावों की अभी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में 2020 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाद की CBI जांच के निष्कर्ष इन दावों से अलग तस्वीर पेश करते हैं।

ऐसे में इस पूरे मामले में आगे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए नए दावों से संबंधित दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक साक्ष्य या जांच एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि श्वेता के बयान के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में आ गया है, जबकि दिशा सालियान मामले में CBI की नई जांच भी जारी है।

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