पूर्व बस ड्राइवर के घर छापा: 28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद, नोट गिनते-गिनते 5 मशीनें भी हुईं बंद

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पूर्व बस ड्राइवर मीनार मंडल के घर छापे में 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद हुआ, जहां नोट गिनने के लिए लाई गई 5 मशीनें भी बीच में बंद पड़ गईं।

Jul 30, 2026 - 12:32
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पूर्व बस ड्राइवर के घर छापा: 28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद, नोट गिनते-गिनते 5 मशीनें भी हुईं बंद

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। जिले के देवचा गांव में एक पूर्व सरकारी बस चालक के घर पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नकदी और सोना मिला। जिस घर को बाहर से देखने पर एक सामान्य दो मंजिला मकान समझा जा रहा था, उसके अंदर का दृश्य देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। कमरों में नोटों से भरी बोरियां और बड़ी मात्रा में सोने की छड़ें एवं बिस्किट रखे हुए थे। शुरुआती जांच के अनुसार, बरामद नकदी 28 करोड़ रुपये से अधिक और सोना लगभग 15 किलो है।

यह कार्रवाई बीरभूम जिले के देवचा गांव स्थित मीनार मंडल उर्फ टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के दो मंजिला मकान पर की गई। मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक के रूप में कार्य करता था, लेकिन बाद में उसने पत्थर और रेत के कारोबार में कदम रखा। जांच एजेंसियों का कहना है कि वर्तमान में वह क्षेत्र में बड़े स्तर पर कारोबार से जुड़ा हुआ है और इसी संबंध में उसके ठिकानों पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस को सबसे पहले कई कमरों में रखी बड़ी-बड़ी बोरियां मिलीं। जब इन बोरियों को खोला गया तो उनके अंदर बड़ी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, नकदी इतनी अधिक थी कि उसकी गिनती हाथों से करना संभव नहीं था। इसके बाद नोट गिनने के लिए विशेष मशीनों की व्यवस्था की गई।

पुलिस ने एक साथ नोट गिनने वाली पांच मशीनें मंगवाईं और नकदी की गिनती शुरू की। लेकिन बोरियों में रखे नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि लगातार गिनती के दौरान मशीनें भी बीच-बीच में बंद हो गईं। अधिकारियों को कई बार मशीनों को दोबारा चालू करना पड़ा और पूरी नकदी की गिनती में कई घंटे लग गए। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि बरामद नकदी 28 करोड़ रुपये से अधिक है।

छापेमारी के दौरान केवल नकदी ही नहीं बल्कि भारी मात्रा में सोना भी बरामद किया गया। पुलिस को घर से एक-एक किलो वजन की 14 सोने की छड़ें मिलीं। इसके अलावा 100-100 ग्राम वजन के 10 सोने के बिस्किट भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर लगभग 15 किलो सोना जब्त किया गया, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 21.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने को सुरक्षित तरीके से जब्त करने के लिए पुलिस को विशेष इंतजाम करने पड़े। अधिकारियों ने लोहे के पांच बड़े बक्से मंगवाए, जिनमें नकदी और सोने को भरकर पुलिस अपने साथ ले गई। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि बरामद संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक था, लेकिन बाद में उसने पत्थर खनन और रेत के कारोबार में अपनी गतिविधियां बढ़ाईं। जांच एजेंसियों का कहना है कि बीरभूम जिले में पत्थर खनन से जुड़े उसके बड़े कारोबार की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में उसके आर्थिक स्रोतों, संपत्तियों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, मीनार मंडल को राज्य की राजनीति में भी कई बार चर्चा का विषय बनाया गया है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी ने उसे कथित तौर पर 'बालू माफिया' का संचालक बताया है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन, राजस्व चोरी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद नकदी और सोना किस स्रोत से आया, क्या यह आय वैध है और क्या इसमें अवैध खनन या अन्य आर्थिक गतिविधियों का संबंध है।

बीरभूम जिला लंबे समय से पत्थर खनन उद्योग, अवैध खनन और संगठित अपराध से जुड़े आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। समय-समय पर विभिन्न एजेंसियां यहां अवैध खनन, कर चोरी और आर्थिक अनियमितताओं की जांच करती रही हैं। इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में अवैध खनन और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच एजेंसियां अब बरामद नकदी, सोने और संबंधित दस्तावेजों की फॉरेंसिक तथा वित्तीय जांच कर रही हैं। बैंक खातों, संपत्ति के रिकॉर्ड, कारोबारी लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इतनी बड़ी संपत्ति किस माध्यम से अर्जित की गई। यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे। इस छापेमारी ने पश्चिम बंगाल में अवैध खनन, आर्थिक अपराध और काले धन के खिलाफ चल रही कार्रवाई को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।

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