SIR पर फिर सड़क पर विपक्ष, दिल्ली से बेंगलुरु तक प्रदर्शन
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का ऐलान किया है, जबकि दिल्ली में विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बेंगलुरु में CJP भी SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। 8 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसद एक बार फिर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। अब कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ के तौर पर मनाने की घोषणा की है।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के SIR को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्ष को आपत्ति है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन
दिल्ली में 8 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहने वाला है। विपक्षी सांसदों ने बुधवार को भी जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, बुधवार को करीब 200 विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की थी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और दिल्ली के कुछ इलाकों में लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने वहीं बैठकर प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराया।
राहुल और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद बढ़ा विवाद
6 और 7 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई। इसी के विरोध में पार्टी ने 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने इसके साथ ही देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है।
बुधवार के घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने अपने सांसदों और पार्टी नेताओं को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा। विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति को लेकर भी बैठकें हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों के साथ बैठक की, जिसके बाद गुरुवार के प्रदर्शन को और व्यापक बनाने की योजना सामने आई।
ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंच रही हैं
इस प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों समेत कई विपक्षी पार्टियों के शामिल होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंचकर विपक्षी आंदोलन में हिस्सा लेने वाली हैं। इससे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
बुधवार के प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा टीएमसी, सीपीआई, सीपीएम, आरजेडी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग समेत कई दलों के सांसद शामिल हुए थे। हालांकि समाजवादी पार्टी के सांसद उस प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे।
जंतर-मंतर तक मार्च की कोशिश
विपक्षी सांसदों ने बुधवार को जंतर-मंतर पर धरना देने का फैसला किया था। इसके लिए सांसद बसों में सवार होकर वहां जाने लगे। लेकिन अशोका रोड के पास सुरक्षा बलों ने बसों को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद बसों से उतरकर सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे और उन्हें जंतर-मंतर तक जाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। पुलिस की ओर से सुरक्षा और लागू प्रतिबंधों का हवाला दिया गया।
SIR को लेकर क्या है विपक्ष की आपत्ति?
विपक्षी दलों का मुख्य मुद्दा चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े स्तर पर बदलाव हुए हैं और इससे वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।
वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है और सूची में बदलाव के पीछे निर्धारित प्रक्रियाएं और सत्यापन व्यवस्था होती है। इसलिए SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग के जवाब के बीच राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान भी कहा कि विपक्ष तब तक आंदोलन जारी रखेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस चल रही है। इस विवाद के बीच अब विपक्ष ने अपने आंदोलन को दिल्ली से आगे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की रणनीति बनाई है।
कांग्रेस का देशभर में ‘ब्लैक डे’
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने की घोषणा की है। पार्टी की ओर से राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही गई है। कांग्रेस का कहना है कि 6 और 7 अक्टूबर के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस अभियान के जरिए कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को देशव्यापी राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के साथ INDIA गठबंधन के दूसरे दलों के भी अलग-अलग स्तर पर जुड़ने की संभावना है।
बेंगलुरु में CJP का ‘चप्पल प्रदर्शन’
इसी मुद्दे को लेकर बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी 8 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रही है। CJP ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में ‘चप्पल प्रदर्शन’ का आयोजन किया है। इससे पहले वहां SIR को लेकर ‘People’s Tribunal’ आयोजित किया गया, जिसमें कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से प्रभावित लोगों के मुद्दे उठाए गए।
CJP के मुताबिक, इस प्रदर्शन का उद्देश्य SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठाई जा रही चिंताओं को सामने लाना है। कार्यक्रम में विभिन्न लोगों के अनुभवों को सामने रखने की योजना है। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता प्रकाश राज के भी प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई गई थी।
दिल्ली से बेंगलुरु तक बढ़ा आंदोलन
SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रह गया है। दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों का लगातार प्रदर्शन, कांग्रेस का देशव्यापी ‘ब्लैक डे’ और बेंगलुरु में CJP का प्रदर्शन इस मुद्दे को अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूहों तक पहुंचा रहा है।
वहीं दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर और केंद्रीय दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी हाल ही में Z-प्लस सुरक्षा दिए जाने की खबर सामने आई है।
राष्ट्रपति से मिलने की भी तैयारी
विपक्षी दलों ने SIR और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा है। विपक्ष की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रपति से मुलाकात करने की योजना है। इससे संकेत मिलता है कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे को संसद और सड़क के साथ-साथ संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष भी उठाने की तैयारी कर रहा है।
फिलहाल SIR को लेकर केंद्र की राजनीति में टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन, कांग्रेस के देशव्यापी कार्यक्रम और CJP जैसे संगठनों के आंदोलन से यह मुद्दा और चर्चा में रहने की संभावना है।
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