दुरंतो एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी से हड़कंप, 3 कोच की खिड़कियां टूटीं; रेलवे एक्ट में केस दर्ज
नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस पर 25 सितंबर की रात बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन के बीच पत्थरबाजी की घटना सामने आई। ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। RPF और GRP ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और 26 सितंबर को रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है।
नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। ट्रेन नंबर 12290 नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस को 25 सितंबर 2026 की रात बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन के बीच कथित तौर पर बाहर से पत्थर या किसी वस्तु से निशाना बनाया गया। घटना में ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक यात्री को हल्की चोट लगने की बात सामने आई थी, जबकि रेलवे की जांच संबंधी रिपोर्ट में किसी यात्री के घायल होने या अन्य नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
घटना उस समय हुई जब ट्रेन नागपुर से मुंबई की ओर जा रही थी। बताया गया कि बोरखेड़ी स्टेशन से गुजरने के बाद करीब रात 8:27 बजे बाहर से कोई वस्तु या पत्थर ट्रेन की खिड़कियों से टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना के बाद यात्रियों में भी चिंता और अफरातफरी का माहौल बन गया।
तीन कोच की खिड़कियों के शीशे टूटे
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार पत्थरबाजी की घटना में ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच प्रभावित हुए। इन कोचों की खिड़कियों के शीशे टूटने की जानकारी सामने आई। एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों ने भी पुष्टि की कि लगभग 20:27 बजे ट्रेन की खिड़कियों पर बाहर से किसी चीज या पत्थर के टकराने की आवाज और घटना सामने आई थी।
हालांकि घटना के शुरुआती विवरण में एक यात्री को हल्की चोट लगने की बात कही गई, लेकिन रेलवे की जांच के दौरान उपलब्ध जानकारी में किसी यात्री के घायल होने या किसी अन्य नुकसान की पुष्टि नहीं की गई। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।
वर्धा स्टेशन पर ट्रेन रोककर की गई जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक रोककर जांच की गई। सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रेन और प्रभावित कोचों का निरीक्षण किया। जांच पूरी होने के बाद दुरंतो एक्सप्रेस को मुंबई की ओर रवाना कर दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीमों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उस इलाके में तलाशी अभियान चलाया, जहां से ट्रेन के गुजरते समय पत्थर या वस्तु के टकराने की सूचना मिली थी।
बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन में कई किलोमीटर तक तलाशी
रेलवे के मुताबिक करीब रात 8:46 बजे घटना की सूचना मिलने के बाद RPF और GRP कर्मचारियों ने बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन के बीच किलोमीटर 803 से किलोमीटर 796 तक इलाके की तलाशी ली। जांच के दौरान बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांव के आसपास के क्षेत्रों को भी खंगाला गया।
सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पुलिस पाटिल और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की। हालांकि तलाशी और पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति या ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह पता चल सके कि ट्रेन पर पत्थर किस जगह से और किस व्यक्ति ने फेंका था।
पत्थर फेंकने वाले की तलाश जारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार घटना की सटीक जगह अभी निर्धारित नहीं हो पाई है। एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों के बयान से यह जरूर सामने आया कि ट्रेन पर बाहर से किसी वस्तु या पत्थर के टकराने की घटना हुई थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पत्थर किस स्थान से फेंका गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति था।
जांच के दौरान आसपास के इलाकों में संभावित संदिग्धों की तलाश की गई, लेकिन तत्काल कोई संदिग्ध हाथ नहीं लगा। मामले में आगे की जांच जारी है और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं।
रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत केस दर्ज
घटना को लेकर रेलवे ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। 26 सितंबर 2026 को दोपहर 2:55 बजे एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में अपराध संख्या 325/2026 दर्ज की गई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ट्रेन पर पत्थरबाजी किसने की थी और घटना के पीछे क्या कारण था। आरोपी की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं पहले भी आईं सामने
ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना कोई पहली घटना नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे पहले भी चलती ट्रेनों को पत्थरों से निशाना बनाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसी घटनाओं में ट्रेन की खिड़कियों के शीशे टूटने के साथ यात्रियों के घायल होने का खतरा भी रहता है।
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना न केवल रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। खिड़की का शीशा टूटने से पत्थर सीधे यात्री के शरीर पर लग सकता है और गंभीर चोट की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल
दुरंतो एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेन पर हुई इस घटना ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। रेलवे ट्रैक कई किलोमीटर लंबे क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं और हर स्थान पर लगातार निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों की पहचान, स्थानीय स्तर पर निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है।
इस मामले में भी RPF और GRP ने घटना की सूचना मिलने के बाद प्रभावित रेल सेक्शन में तलाशी अभियान चलाया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। अब जांच का मुख्य उद्देश्य घटना की वास्तविक जगह और आरोपी की पहचान करना है।
पुणे में वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी घटना का भी जिक्र
इससे पहले महाराष्ट्र में ही पुणे स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना सामने आई थी। उस घटना में ट्रेन का एक कोच पटरी से उतर गया था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई की थी। हालांकि दुरंतो एक्सप्रेस की मौजूदा घटना अलग प्रकृति की है और इसमें जांच का केंद्र ट्रेन पर बाहर से पत्थर या किसी वस्तु के टकराने की घटना है।
दुरंतो एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी के मामले में फिलहाल रेलवे पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। प्रभावित कोचों की जांच के साथ-साथ घटना की सही जगह और आरोपी की पहचान करने की कोशिश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रेन पर पत्थर किसने फेंका और घटना किन परिस्थितियों में हुई।
फिलहाल दुरंतो एक्सप्रेस को जांच के बाद मुंबई की ओर रवाना कर दिया गया था। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और आरोपी की तलाश जारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)