यूपी-बिहार से दिल्ली तक बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में झमाझम बरसेंगे बादल

यूपी-बिहार में भारी बारिश का अलर्ट — उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

Aug 25, 2026 - 12:23
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यूपी-बिहार से दिल्ली तक बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में झमाझम बरसेंगे बादल

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है और कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अगस्त 2026 के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी मौसम बदलने की संभावना है। बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और कुछ जगहों पर दृश्यता कम होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाले लोगों और खासकर विमान यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले मौसम और फ्लाइट का अपडेट जरूर देख लेने की सलाह दी जाती है।

यूपी में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। IMD के अनुसार 25 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 25-26 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वी यूपी के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, हमीरपुर और झांसी समेत कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। वहीं कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, सीतापुर और बहराइच समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है।

पश्चिमी यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में भी जोरदार बारिश

मध्य प्रदेश में 25 और 26 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। IMD के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25-26 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 से 29 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विदर्भ में भी 25 से 28 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 25 से 31 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

मध्य प्रदेश के बैतूल, दमोह, टीकमगढ़, राजगढ़ और नरसिंहपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट की स्थिति बताई गई है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

बिहार में तीन दिन तक बारिश का असर

बिहार में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 27 अगस्त के दौरान राज्य में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई इलाकों में तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी है।

लखीसराय, मधुबनी, भागलपुर, किशनगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, सिवान, दरभंगा और बक्सर समेत कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश

झारखंड में 25 से 28 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 25 से 31 अगस्त के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और 25 अगस्त को कुछ इलाकों में आंधी, बिजली और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है।

इन राज्यों में भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 25 से 31 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जबकि उत्तराखंड में भी अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बाधित होने और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। यात्रियों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी बारिश

पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 25-26 अगस्त और उसके बाद 29-31 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 27-30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 25 से 30 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।

गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बना रह सकता है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी भारत में भी बारिश

कोंकण और गोवा में 25 से 30 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 25 अगस्त को व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 25 अगस्त को बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट बारिश की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट बारिश हो सकती है। तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 25 से 30 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में आज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह

बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कटी हुई फसल को खुले में रखने से बचना चाहिए और खेतों में जमा अतिरिक्त पानी की जल्द निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। बारिश और आंधी के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। इससे फसल को लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

आकाशीय बिजली के दौरान क्या करें?

आकाशीय बिजली और मेघगर्जन के समय लोगों को खुले मैदान, खेत, जलाशय और नदी-तालाब जैसे स्थानों से दूर रहना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ सुरक्षित स्थान नहीं होते।

कमजोर इमारतों, कच्चे ढांचों और ऐसे स्थानों से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए जहां तेज हवा या भारी बारिश के कारण संरचनात्मक नुकसान का खतरा हो। वाहन चलाने वालों को बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखनी चाहिए और कम दृश्यता तथा जलभराव वाली सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

जलभराव और यातायात पर भी असर

भारी बारिश का सबसे तत्काल असर शहरों में जलभराव और यातायात पर पड़ सकता है। निचले इलाकों, अंडरपास और खराब जल निकासी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगले कुछ दिन क्यों अहम?

IMD के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि 25 से 28 अगस्त के दौरान देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने वाली हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा पहाड़ी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा।

ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए, जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए और आंधी-बिजली के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से परहेज करना चाहिए। किसानों को फसल और खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। मानसून की यह सक्रियता आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश और मौसम संबंधी चुनौतियां बढ़ा सकती है।

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