सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘ऐसे करते रहे तो जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा’
दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर इसका श्रेय खुद लेती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देती है। उन्होंने वर्ष 1985 के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं होने का जिक्र करते हुए पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी। योगी ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस इसी तरह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती रही और विरोध प्रदर्शन करती रही, तो उसे अपना बचा हुआ राजनीतिक जनसमर्थन भी गंवाना पड़ सकता है। वहीं, INDIA गठबंधन SIR प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी मांगों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में हार मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि जीत मिलने पर इसे अपनी उपलब्धि बताती है। योगी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना और विरोध प्रदर्शनों के जरिए आम जनता को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपना रवैया बदलने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि पार्टी इसी तरह काम करती रही, तो उसके पास जो राजनीतिक समर्थन बचा है, वह भी खो सकती है।
दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर योगी आदित्यनाथ का बयान
देश की राजधानी दिल्ली में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाने और आम जनता को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। योगी के मुताबिक, राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों पर विचार करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस का रवैया चुनावी नतीजों के आधार पर बदल जाता है। उनके अनुसार, जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तो वह अपनी जीत का श्रेय अपने नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को देती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने इस रवैये को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की और कहा कि लोकतंत्र में चुनावी नतीजों को लेकर एक समान दृष्टिकोण होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं पर चर्चा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से जनता के बीच अविश्वास पैदा हो सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवाल अलग विषय हैं, जिनका मूल्यांकन संबंधित तथ्यों, नियमों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर किया जाना चाहिए।
‘चुनाव जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी’
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनाव जीते तो इनका पुरुषार्थ और हारे तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी।” इस बयान के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी परिणामों को स्वीकार करने के मामले में दोहरा रवैया अपनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में जीत और हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और राजनीतिक दलों को दोनों परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर अव्यवस्था और अराजकता पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। योगी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी असहमति दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए जिससे आम लोगों को परेशानी हो या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को अपना व्यवहार और नेतृत्व बदलने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की कोशिशों से बचना चाहिए। योगी के मुताबिक, जनता इस तरह की गतिविधियों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस इसी रास्ते पर चलती रही, तो उसे अपना बचा हुआ राजनीतिक जनसमर्थन भी गंवाना पड़ सकता है।
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