सोना फिर महंगा, चांदी में ₹2,800 तक की जोरदार तेजी; 7 अगस्त को जानें आज के भाव और बढ़ती कीमत की वजह

7 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना गुरुवार को ₹3,800 बढ़कर ₹1,53,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जबकि चांदी के भाव में शुक्रवार को ₹2,800 तक की तेजी दर्ज की गई। आखिर सोना-चांदी लगातार क्यों महंगे हो रहे हैं? वैश्विक बाजार, रुपये की चाल और निवेशकों की मांग का कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है? जानिए 7 अगस्त के ताजा गोल्ड-सिल्वर रेट और बाजार से जुड़ी पूरी जानकारी।

Aug 07, 2026 - 12:12
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सोना फिर महंगा, चांदी में ₹2,800 तक की जोरदार तेजी; 7 अगस्त को जानें आज के भाव और बढ़ती कीमत की वजह

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को कीमती धातुओं के बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिली। चांदी के भाव में एक दिन में 2,800 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि सोने की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, वहीं सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के मुताबिक, इस सप्ताह सोने और चांदी दोनों में मजबूत तेजी देखने को मिली है।

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,800 रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। यह तेजी सोने को एक बार फिर बेहद ऊंचे स्तर पर ले गई। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में सोना सात सप्ताह के उच्च स्तर के आसपास पहुंच गया था और बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी भी मजबूत बनी हुई थी।

सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी का रुख बना हुआ है। 7 अगस्त को चांदी के भाव में 2,800 रुपये तक की बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी। अलग-अलग शहरों में स्थानीय बाजार, मांग और कारोबार के हिसाब से चांदी के भाव में अंतर देखने को मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर 7 अगस्त को कोलकाता और बेंगलुरु में चांदी करीब 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर दर्ज की गई, जबकि कुछ अन्य शहरों में यह 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंची।

कीमती धातुओं की कीमतों में इस तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार पर भी असर डालता है। इसके अलावा रुपये की विनिमय दर, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां, निवेशकों की धारणा और वैश्विक घटनाक्रम भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं। हालिया बाजार रिपोर्ट में रुपये की कमजोरी, वैश्विक रुझान और निवेश मांग को सोने की मजबूती के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।

सोने को आमतौर पर अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों में सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। जब शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाली परिसंपत्तियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो कई निवेशक सोने की तरफ रुख करते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों को समर्थन मिलता है। मौजूदा तेजी में भी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी हुई है।

चांदी की स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि इसका इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक उत्पादों में चांदी का इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए चांदी में तेजी केवल आभूषण या निवेश की मांग से नहीं, बल्कि वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों से भी प्रभावित हो सकती है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े घटनाक्रम भी कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम बने हुए हैं। बाजार विश्लेषण के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर संभावित शांति समझौते की उम्मीद, तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी रोजगार आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत भी आगे सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

ब्याज दरों की उम्मीदों का असर खास तौर पर सोने पर पड़ता है। जब बाजार में ब्याज दरों में नरमी की संभावना बढ़ती है, तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। दूसरी तरफ, ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीद होने पर सोने पर दबाव भी बन सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की नीतिगत दिशा पर बाजार की खास नजर रहेगी।

घरेलू बाजार में कीमतों का असर सीधे आम खरीदारों पर भी पड़ता है। शादी-विवाह, त्योहारों और पारिवारिक समारोहों के लिए सोना खरीदने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक बजट रखना पड़ सकता है। खास तौर पर आभूषण खरीदते समय केवल सोने के बेस रेट को ही अंतिम कीमत नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि आभूषण की कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स जैसी लागत भी शामिल हो सकती है।

इसी तरह चांदी की कीमत बढ़ने से चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन और अन्य चांदी के सामान खरीदने वालों की लागत भी बढ़ सकती है। हालांकि शहर और विक्रेता के हिसाब से वास्तविक खुदरा कीमत अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उस समय का वास्तविक रेट, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी लेना जरूरी है।

7 अगस्त के बाजार में तेजी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सोना और चांदी दोनों ही हाल के दिनों में मजबूत रुझान दिखा रहे हैं। उपलब्ध शहरवार आंकड़ों में भी अगस्त के दौरान कई बाजारों में चांदी के भाव में बढ़त दर्ज हुई है। उदाहरण के लिए इंदौर में 1 अगस्त को चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 7 अगस्त को 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। इसी तरह हैदराबाद और विजयवाड़ा जैसे शहरों में 7 अगस्त को चांदी करीब 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर दर्ज हुई।

हालांकि, सोने-चांदी के भाव में तेजी का मतलब यह नहीं है कि कीमतें आगे भी लगातार बढ़ती ही रहेंगी। कीमती धातुओं का बाजार वैश्विक घटनाओं और आर्थिक आंकड़ों के प्रति काफी संवेदनशील होता है। इसलिए अचानक तेजी के बाद मुनाफावसूली या अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव के कारण कीमतों में गिरावट भी आ सकती है। निवेशकों को केवल एक-दो दिन के उतार-चढ़ाव के आधार पर फैसला लेने से बचना चाहिए।

खरीदारों के लिए यह भी जरूरी है कि वे सोने की शुद्धता की जांच करें। 24 कैरेट यानी 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने और आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं। आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क, शुद्धता और बिल की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। इससे खरीदारी में पारदर्शिता बनी रहती है और भविष्य में बेचने या एक्सचेंज करने के दौरान भी परेशानी कम होती है।

कुल मिलाकर 7 अगस्त 2026 को सोना और चांदी दोनों ही बाजार में चर्चा के केंद्र में हैं। गुरुवार को दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 3,800 रुपये बढ़कर 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा था, जबकि शुक्रवार को चांदी में 2,800 रुपये तक की तेजी ने बाजार की गर्मी और बढ़ा दी। वैश्विक बाजार के संकेत, रुपये की चाल, निवेश मांग और आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े आगे इन दोनों धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ऐसे में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए सलाह यही है कि खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांचें और केवल बेस कीमत देखकर फैसला न लें। मेकिंग चार्ज, टैक्स, शुद्धता और बिल सहित पूरी लागत को समझने के बाद ही खरीदारी करना बेहतर रहेगा। वहीं निवेशकों को बाजार में जारी तेजी के बीच जोखिम और कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।

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