JPSC-JSSC आंदोलन के नेता देवेंद्र महतो बोले- जान को खतरा, डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की दी सलाह

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में रांची में आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी देवेंद्र महतो ने दावा किया है कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि लगातार बिगड़ती तबीयत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, लेकिन छात्रों की मांगें पूरी होने तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे। इस बीच राज्यभर के छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, लंबित नियुक्तियों को पूरा करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

Aug 05, 2026 - 14:29
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JPSC-JSSC आंदोलन के नेता देवेंद्र महतो बोले- जान को खतरा, डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की दी सलाह

झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने देवेंद्र महतो रांची में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इस बीच उन्होंने एक विशेष बातचीत में कहा कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, लेकिन छात्रों की मांगों के समर्थन में उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।

देवेंद्र महतो ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के लिए है। उनका कहना है कि वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं और अभ्यर्थियों को समय पर न्याय नहीं मिल रहा है। इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन का रास्ता चुना है।

उन्होंने बताया कि लगातार कई दिनों से भोजन न करने के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति कमजोर होती जा रही है। मेडिकल टीम ने जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध भर्ती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी रांची पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से JPSC और JSSC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, लंबित नियुक्तियों को पूरा करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन के दौरान कई छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी देवेंद्र महतो का समर्थन किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़ा मुद्दा है।

सरकार की ओर से अब तक यह कहा गया है कि भर्ती प्रक्रियाओं को नियमों के अनुसार संचालित किया जा रहा है और यदि किसी मामले में शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाती है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है और सरकार को ठोस निर्णय लेने होंगे।

राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्ष सरकार पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक अनशन पर रहने से शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए देवेंद्र महतो को चिकित्सकीय निगरानी में रहने और आवश्यक उपचार लेने की सलाह दी गई है।

फिलहाल रांची में चल रहा JPSC-JSSC आंदोलन झारखंड की राजनीति और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और क्या इस आंदोलन का जल्द कोई समाधान निकल पाता है।

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