जैश साजिश का खुलासा: शुभेंदु अधिकारी निशाने पर, STF जांच जारी

पश्चिम बंगाल STF ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर कथित आतंकी साजिश का खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने और दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाने का आरोप है। मामले में एक महिला सहयोगी की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी जांच हनी ट्रैप एंगल से की जा रही है। STF आरोपी के संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी है।

Aug 02, 2026 - 15:10
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जैश साजिश का खुलासा: शुभेंदु अधिकारी निशाने पर, STF जांच जारी

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी साजिश से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित संबंध रखने वाले एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश रचने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाने का आरोप है।

STF के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध की गतिविधियों की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे। इन निर्देशों के तहत उसे राजनीतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों को निशाना बनाने तथा अशांति फैलाने की योजना पर काम करने के लिए कहा गया था।

जांच के दौरान STF ने यह भी दावा किया कि संदिग्ध को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में घुसपैठ करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एजेंसी के अनुसार, उसे कथित तौर पर पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने और वहां माहौल खराब करने के लिए कहा गया था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की पुष्टि कर रही हैं।

STF अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और कथित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और क्या किसी बड़े नेटवर्क के तहत यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

इस मामले में एक महिला सहयोगी की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध जैश सदस्य की एक महिला सहयोगी को झारखंड से हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों ने इस संबंध में 'हनी ट्रैप' एंगल की भी जांच शुरू की है। अधिकारियों को आशंका है कि महिला सहयोगी का इस्तेमाल संपर्क स्थापित करने या संदिग्ध गतिविधियों में सहायता के लिए किया गया हो सकता है।

सुरक्षा एजेंसियां अब संदिग्ध के सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी के विदेशी संपर्क कितने सक्रिय थे और क्या उसे किसी विशेष हमले या साजिश के लिए प्रशिक्षण या संसाधन उपलब्ध कराए गए थे।

STF ने इस पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकी संगठनों की कोशिश रहती है कि वे स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार कर संवेदनशील इलाकों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को निशाना बनाएं। इसी को देखते हुए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ जांच आगे बढ़ा रही हैं।

इससे पहले भी पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रही हैं। एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क को पहचानने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए अभियान चला रही हैं।

मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। STF आरोपी के कथित संपर्कों, फंडिंग स्रोतों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।

फिलहाल इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को कथित तौर पर निशाना बनाने की साजिश और जंतर-मंतर प्रदर्शन में गड़बड़ी की योजना के आरोपों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। जांच एजेंसियों की नजर अब इस बात पर है कि इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हुई हैं और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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