नाशिक में लिव-इन पार्टनर की हत्या का सनसनीखेज मामला, गला रेतकर 18 घंटे घर में रखा शव; तीन गिरफ्तार
नाशिक में 15 साल से लिव-इन में रह रहे वसंत सतपुते की गला रेतकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला और उसके दो दोस्तों ने शव को 18 घंटे घर में रखने के बाद कसारा घाट में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
महाराष्ट्र के नाशिक में प्रेम संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 15 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही एक महिला ने अपने पुरुष साथी की कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को करीब 18 घंटे तक घर में रखा गया और फिर आधी रात के समय कार में डालकर कसारा घाट ले जाया गया, जहां उसे फेंक दिया गया। मामले में क्राइम ब्रांच ने महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
मृतक की पहचान 40 वर्षीय वसंत गोरखनाथ सतपुते, निवासी स्वराजनगर, पाथर्डी फाटा, नाशिक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वसंत करीब 15 वर्षों से आरोपी महिला हसीना शेख के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ जिसके बाद हत्या की साजिश रची गई और वसंत की जान ले ली गई।
दोस्त की मदद से हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त की मदद से वसंत की हत्या की। आरोप है कि वसंत का गला रेतकर उसे मौत के घाट उतारा गया। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को तुरंत ठिकाने लगाने के बजाय करीब 18 घंटे तक घर में ही रखा। इसके बाद आधी रात के समय शव को एक कार में रखा गया और नाशिक से कसारा घाट की ओर ले जाया गया।
पुलिस को जब मामले की जानकारी मिली तो क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की टीम ने कसारा घाट इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस को शव बरामद हुआ। बाद में शव की पहचान वसंत गोरखनाथ सतपुते के रूप में की गई।
महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने हसीना शेख, साहिल शाह और मोइन शाह को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या में तीनों की क्या-क्या भूमिका थी और हत्या की साजिश कब तथा कैसे तैयार की गई।
जांच एजेंसियां हत्या में इस्तेमाल हथियार, शव को घर में रखने की वजह, कार के इस्तेमाल और कसारा घाट तक शव ले जाने की पूरी कड़ी की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोई सुनियोजित कोशिश की गई थी।
15 साल से लिव-इन में रह रहे थे दोनों
पुलिस के अनुसार, वसंत सतपुते और हसीना शेख करीब 15 वर्षों से साथ रह रहे थे। लंबे समय से साथ रहने के बावजूद दोनों के बीच रिश्ते में किस तरह का विवाद चल रहा था, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस को शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि वसंत को शराब और जुए की कथित लत थी।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या शराब और जुए की आदत को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और क्या यही विवाद हत्या की वजह बना। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की अंतिम वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस पहलू समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
कसारा घाट में शव फेंकने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार में रखकर कसारा घाट ले जाने की योजना बनाई। रात के समय शव को कसारा घाट ले जाकर वहां फेंक दिया गया। पुलिस ने बाद में इसी इलाके से शव बरामद किया। शव को इस तरह दूर ले जाने के पीछे पुलिस को आशंका है कि आरोपी हत्या के सबूत छिपाना चाहते थे और मृतक की पहचान तथा हत्या की परिस्थितियों को छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने हत्या के बाद किन-किन स्थानों का इस्तेमाल किया और शव को कसारा घाट तक ले जाने के दौरान कौन-कौन से लोग उनके संपर्क में थे। इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच की जा रही है।
हत्या के पीछे की असली वजह की तलाश
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर है। शुरुआती जांच में शराब और जुए की कथित लत को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दोनों के बीच किसी घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी या व्यक्तिगत तनाव की भी जांच की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या अचानक हुई या पहले से इसकी साजिश रची गई थी। महिला और उसके साथ गिरफ्तार दोनों पुरुषों की भूमिका को अलग-अलग जांचा जा रहा है। हत्या के तरीके और शव को ठिकाने लगाने की प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब भी जांच के दौरान तलाशे जा रहे हैं।
क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद नाशिक क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और फिर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई, हत्या के समय कौन-कौन मौजूद था और शव को घर में 18 घंटे तक क्यों रखा गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
यह मामला महाराष्ट्र में सामने आए उन अपराधों की कड़ी में एक और घटना है जिनमें रिश्तों से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इससे पहले नागपुर में भी शादी को लेकर हुए विवाद के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया था। उस मामले में आरोप था कि बॉयफ्रेंड ने महिला को पुल से नदी में धक्का दे दिया था, जिसके बाद डूबने से उसकी मौत हो गई थी। दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन रिश्तों में विवाद के बाद हिंसा का पहलू जांच का विषय बना है।
फिलहाल नाशिक के इस मामले में तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। पुलिस हत्या की पूरी साजिश, हत्या की वास्तविक वजह और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वसंत सतपुते की हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और 18 घंटे तक शव को घर में रखने के बाद उसे कसारा घाट में फेंकने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई।
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