बंगाल के स्कूली बच्चों को हफ्ते में दो दिन अंडे, ISKCON की रसोई से मिलेगा मिड-डे मील: CM शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य के स्कूली छात्रों को सप्ताह में दो बार अंडे उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि कोलकाता में मिड-डे मील की व्यवस्था ISKCON अन्नामृत फाउंडेशन की नई कम्युनिटी किचन के माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ISKCON की शुद्ध शाकाहारी परंपरा का पूरा सम्मान किया जाएगा और अंडों की आपूर्ति अलग व्यवस्था से होगी। अगले तीन महीनों में यह आधुनिक रसोई कोलकाता नगर निगम (KMC) के लगभग 1,800 स्कूलों के करीब 2.5 लाख छात्रों को पौष्टिक मिड-डे मील उपलब्ध कराएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना और स्कूलों में बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा को बढ़ावा देना है।

Aug 02, 2026 - 14:41
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बंगाल के स्कूली बच्चों को हफ्ते में दो दिन अंडे, ISKCON की रसोई से मिलेगा मिड-डे मील: CM शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को सप्ताह में दो बार अंडे उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि कोलकाता में मिड-डे मील की व्यवस्था ISKCON अन्नामृत फाउंडेशन की आधुनिक कम्युनिटी किचन के माध्यम से संचालित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कोलकाता में ISKCON की नई सामुदायिक रसोई के उद्घाटन के अवसर पर की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ISKCON की परंपरा पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी भोजन पर आधारित है और राज्य सरकार इस परंपरा का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का ISKCON से उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में किसी प्रकार का बदलाव कराने का कोई इरादा नहीं है। इसलिए छात्रों को दिए जाने वाले अंडों की व्यवस्था अलग प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जबकि ISKCON की रसोई केवल शाकाहारी मिड-डे मील तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार अंडे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें आवश्यक प्रोटीन और पोषण मिल सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है।

कोलकाता में शुरू की गई ISKCON अन्नामृत फाउंडेशन की अत्याधुनिक कम्युनिटी किचन अगले तीन महीनों के भीतर अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी। योजना के अनुसार यह रसोई कोलकाता नगर निगम (KMC) के अंतर्गत आने वाले लगभग 1,800 स्कूलों के करीब 2.5 लाख विद्यार्थियों को प्रतिदिन मिड-डे मील उपलब्ध कराएगी। इससे बड़ी संख्या में बच्चों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और समय पर भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि केंद्रीकृत आधुनिक रसोई के माध्यम से तैयार भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा। भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और स्कूलों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार संचालित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हर छात्र को पौष्टिक, संतुलित और स्वच्छ भोजन मिले। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, तो उनकी पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

ISKCON अन्नामृत फाउंडेशन लंबे समय से विभिन्न राज्यों में स्कूलों के लिए मिड-डे मील कार्यक्रम संचालित कर रहा है। संस्था आधुनिक तकनीक से सुसज्जित बड़े सामुदायिक रसोईघरों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती है। कोलकाता में शुरू की गई यह नई रसोई भी उसी मॉडल पर कार्य करेगी और बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों तक भोजन पहुंचाएगी।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अंडों की आपूर्ति अलग चैनल के माध्यम से होगी ताकि ISKCON की शाकाहारी परंपरा और धार्मिक मान्यताओं का पूरा सम्मान बना रहे। इस व्यवस्था के जरिए सरकार पोषण संबंधी आवश्यकताओं और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

शिक्षा और पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने से बच्चों में कुपोषण की समस्या कम करने, स्कूल उपस्थिति बढ़ाने और सीखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद मिलती है। विशेष रूप से अंडा प्रोटीन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है, जिससे बच्चों के शारीरिक विकास को बल मिलता है।

सरकार के अनुसार, आने वाले महीनों में इस परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि भोजन की गुणवत्ता, समय पर वितरण और छात्रों तक उसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यदि आवश्यकता हुई तो व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं से सुझाव भी लिए जाएंगे।

फिलहाल कोलकाता में शुरू हुई ISKCON की नई कम्युनिटी किचन और सप्ताह में दो बार अंडे उपलब्ध कराने की सरकारी योजना को बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और संतुलित भोजन मिले, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को मजबूती मिल सके।

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