बिहार में शराब तस्करों का नया हथकंडा, बोलेरो के इंजन में छिपाकर ले जा रहे थे शराब; VIDEO ने खोली पोल

बिहार के पश्चिमी चंपारण में शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक बोलेरो के इंजन कंपार्टमेंट से भारी मात्रा में शराब बरामद की। नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में तस्कर शराब छिपाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जांच में सामने आया कि वाहन के इंजन वाले हिस्से में विशेष रूप से बनाई गई जगह में शराब की बोतलें छिपाई गई थीं। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने वाहन जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

Aug 06, 2026 - 11:06
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बिहार में शराब तस्करों का नया हथकंडा, बोलेरो के इंजन में छिपाकर ले जा रहे थे शराब; VIDEO ने खोली पोल

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करी की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला नेपाल सीमा से सटे पश्चिमी चंपारण जिले का है, जहां तस्करों ने शराब की खेप छिपाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया। एक बोलेरो वाहन के इंजन कंपार्टमेंट को खोलने पर उसके अंदर से शराब की बोतलों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम को वाहन की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद बोलेरो की गहन तलाशी ली गई। शुरुआती जांच में वाहन सामान्य दिखाई दिया, लेकिन जब अधिकारियों ने इंजन वाले हिस्से की बारीकी से जांच की तो उसमें विशेष रूप से बनाई गई जगह में शराब की बोतलें छिपाई हुई मिलीं। बरामदगी के बाद वाहन को जब्त कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है कि नेपाल सीमा से सटे पश्चिमी चंपारण क्षेत्र में लंबे समय से शराब तस्करी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सीमा पार से शराब लाकर बिहार के विभिन्न जिलों तक पहुंचाने के लिए तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, तस्कर अब केवल वाहनों के डिक्की या सीटों के नीचे ही नहीं, बल्कि इंजन कंपार्टमेंट, गुप्त चैंबर और अन्य विशेष स्थानों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले भी कई मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली में भूसे के नीचे, ट्रकों में बनाए गए गुप्त केबिन, गैस सिलेंडर जैसे दिखने वाले कंटेनरों और अन्य संशोधित हिस्सों में शराब छिपाकर ले जाने के मामले सामने आ चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि तस्करों के बदलते तरीकों को देखते हुए जांच प्रक्रिया को भी अधिक तकनीकी और विस्तृत बनाया जा रहा है। सीमा क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच, सीसीटीवी निगरानी, खुफिया सूचना तंत्र और संयुक्त अभियान के माध्यम से तस्करी पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य सरकार और पुलिस लगातार अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही है। समय-समय पर बड़े पैमाने पर छापेमारी कर शराब की खेप जब्त की जाती है और तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद सीमावर्ती इलाकों में तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून से बचने की कोशिश करते रहते हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि शराब तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान करना भी जरूरी है। केवल वाहन चालक या वाहक ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाती है ताकि पूरे गिरोह पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक स्कैनिंग तकनीक, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और नियमित निगरानी बेहद आवश्यक है। इससे तस्करों के नए तरीकों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अवैध कारोबार में शामिल लोग कानून से बचने के लिए किस हद तक नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि बदलते तौर-तरीकों के बावजूद जांच एजेंसियां भी लगातार अपनी रणनीति मजबूत कर रही हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल पश्चिमी चंपारण में बरामद हुई शराब की खेप और बोलेरो वाहन को लेकर जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि शराब कहां से लाई गई थी, किस स्थान तक पहुंचाई जानी थी और इस तस्करी नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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