मौत के बाद भी बना जीवन का सहारा: इंदौर के गौरव दवे के अंगदान से छह लोगों को मिली नई उम्मीद
मध्य प्रदेश के इंदौर के 25 वर्षीय गौरव दवे ने अपनी मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल कायम की। ब्रेन हेमरेज के बाद डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने पर उनके परिवार ने उनकी दो महीने पुरानी अंगदान की इच्छा का सम्मान करते हुए दिल, लिवर, दोनों किडनी और आंखें दान करने का फैसला लिया। गौरव के इस निर्णय से छह लोगों को नया जीवन और नई उम्मीद मिली। उनके प्रेरणादायक योगदान को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। यह कहानी अंगदान के महत्व और मानवता की सबसे बड़ी सेवा का प्रेरक संदेश देती है।
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