सीएम शुभेंदु अधिकारी पर आतंकी हमले की साजिश का खुलासा, जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की STF ने बर्धमान से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध सदस्य हामिद मंडल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर संभावित आतंकी हमले की साजिश की आशंका जताई गई है। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड सज्जाद भट से जुड़े नेटवर्क से संबंध होने की भी जांच की जा रही है। वहीं, बीरभूम में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे राज्य में अलर्ट पर हैं। इस रिपोर्ट में जानिए गिरफ्तारी, जांच, बरामदगी और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी।

Jul 31, 2026 - 13:16
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सीएम शुभेंदु अधिकारी पर आतंकी हमले की साजिश का खुलासा, जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बर्धमान जिले से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य हामिद मंडल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर संभावित आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और दस्तावेजों की जांच के बाद इस आशंका को बल मिला है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल STF ने गुरुवार देर रात बर्धमान जिले के रेनेसां टाउनशिप इलाके में स्थित एक किराए के फ्लैट पर छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान हामिद मंडल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले दो से तीन महीनों से इसी फ्लैट में किराए पर रह रहा था और उसकी गतिविधियां लगातार संदिग्ध बनी हुई थीं। गुप्त सूचना मिलने के बाद STF ने निगरानी बढ़ाई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों में ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमले की संभावित योजना का संकेत मिलता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन बरामद डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और कथित साजिश का पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हाथ था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया संदिग्ध आतंकी हामिद मंडल का संबंध पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सज्जाद भट के नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। जांच में यह जानकारी सामने आई है कि वह सज्जाद भट का करीबी बताया जा रहा है। इसी कड़ी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी के जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में किन-किन लोगों से संपर्क थे।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की गई है। STF अदालत से उसकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकती है ताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि हिरासत के दौरान आरोपी से उसके नेटवर्क, फंडिंग, संपर्क सूत्रों, संभावित सहयोगियों और कथित आतंकी योजना से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी अन्य स्थान पर भी इस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था को भी इस घटनाक्रम के बाद और मजबूत कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने उनके कार्यक्रमों की समीक्षा शुरू कर दी है तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। वीआईपी सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

जांच के दौरान STF विभिन्न डिजिटल उपकरणों, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, बैंक लेन-देन और इलेक्ट्रॉनिक संचार के अन्य माध्यमों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी का उद्देश्य क्या था और वह किन लोगों के संपर्क में था। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई एक अन्य बड़ी कार्रवाई भी चर्चा में है। इससे पहले बीरभूम जिले के नलहाटी इलाके में पुलिस ने एक खाली पड़े मकान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। पुलिस को यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर करनी पड़ी थी। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी गतिविधि में इस्तेमाल की जा सकती थी, इसलिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

बीरभूम से बरामद विस्फोटकों में 800 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, 1,200 से ज्यादा जिलेटिन स्टिक, 105 डेटोनेटर और 36 डेटोनेटिंग फ्यूज कॉइल शामिल थे। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया और यह पता लगाने का प्रयास शुरू किया कि यह सामग्री वहां किसने रखी थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस इस मामले में भी विभिन्न संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की इन घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि आतंकी और अवैध नेटवर्कों पर लगातार निगरानी बनाए रखना बेहद जरूरी है। डिजिटल निगरानी, खुफिया सूचनाओं का बेहतर समन्वय और राज्यों के बीच सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से ऐसी साजिशों को समय रहते विफल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील प्रतिष्ठानों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा भी आवश्यक है।

फिलहाल पश्चिम बंगाल STF, स्थानीय पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की संयुक्त जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क, कथित साजिश और उसके संभावित सहयोगियों के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं और पूरे मामले पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।

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