जापान में 6.8 तीव्रता का भूकंप, मॉल ढहा; राहत-बचाव अभियान तेज
जापान में 6.8 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही मची, शॉपिंग मॉल ढहने से 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जापान में मंगलवार को आए 6.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें हिल गईं और एक शॉपिंग मॉल के ढह जाने की घटना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मॉल के मलबे में 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं और मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
भूकंप के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.5 लाख लोगों को संभावित खतरे वाले इलाकों से निकालकर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। प्रशासन लगातार लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कई इमारतों में दरारें आने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की भी खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिसके कारण राहत कार्यों में शुरुआती चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक नुकसान उस क्षेत्र में हुआ जहां एक बहुमंजिला शॉपिंग मॉल धराशायी हो गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय मॉल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बचावकर्मी अत्याधुनिक उपकरणों, स्निफर डॉग्स और थर्मल इमेजिंग तकनीक की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
जापान की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तुरंत राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय कर दिया। स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग, पुलिस, मेडिकल टीमें और सेल्फ डिफेंस फोर्स (SDF) संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं।
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) की भी आशंका जताई गई है। मौसम और भूवैज्ञानिक एजेंसियों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस न जाने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। आपदा विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद कई दिनों तक हल्के या मध्यम झटके महसूस किए जा सकते हैं।
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं। इसी कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। हालांकि, जापान में आधुनिक भूकंपरोधी निर्माण तकनीक, सख्त भवन मानक और प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था के कारण बड़े नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात घबराने के बजाय सुरक्षा नियमों का पालन करना है। खुले स्थान पर जाना, लिफ्ट का इस्तेमाल न करना, गैस और बिजली की जांच करना तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करना ऐसे समय में बेहद जरूरी होता है। जापान में नियमित मॉक ड्रिल और आपदा जागरूकता कार्यक्रमों के कारण लोग ऐसी आपात स्थितियों के लिए पहले से तैयार रहते हैं।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों का इलाज सुनिश्चित करना तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक प्रभावित इलाकों में निगरानी और बचाव अभियान जारी रहेगा।
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