ओडिशा में बाढ़ का बढ़ा खतरा, हीराकुंड बांध से छोड़ा पानी कटक पहुंचा; 10 जिले हाई अलर्ट पर
ओडिशा में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। हीराकुंड बांध से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी कटक के पास मुंडाली पहुंचने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासन ने राहत एवं बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि आपदा प्रबंधन टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ओडिशा में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। राज्य में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हीराकुंड बांध से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी रविवार को कटक के पास मुंडाली पहुंच गया, जिसके बाद महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई जिलों को अलर्ट पर रखा है और राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
हीराकुंड बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई थी। अब इसका असर कटक समेत आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। नदी के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हो गई हैं। राहत दलों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। नदियों के आसपास के इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार हालात का जायजा ले रही हैं।
ओडिशा में पिछले कुछ दिनों से कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ा है। भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी बनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हीराकुंड बांध राज्य के सबसे महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजनाओं में से एक है। बांध से पानी छोड़े जाने का फैसला जलस्तर और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है। अत्यधिक पानी जमा होने की स्थिति में बांध पर दबाव कम करने के लिए नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है।
कटक के पास मुंडाली क्षेत्र महानदी के प्रवाह के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां जलस्तर बढ़ने का असर निचले इलाकों पर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन ने पहले से ही निगरानी बढ़ा दी है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों की व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश और नदी के जलस्तर के आधार पर हालात की समीक्षा की जाएगी।
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